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रघुराम राजन फिर बन सकते हैं गवर्नर, इस बार यहां होंगे बैंक के प्रमुख

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन एक बार फिर किसी केंद्रीय बैंक के शीर्ष पद पर अपनी नई पारी की शुरुआत कर स...

Monday, 23 April 2018

रघुराम राजन फिर बन सकते हैं गवर्नर, इस बार यहां होंगे बैंक के प्रमुख

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन एक बार फिर किसी केंद्रीय बैंक के शीर्ष पद पर अपनी नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं. ब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) के प्रमुख पद के संभावित दावेदार के तौर पर राजन का नाम आया है. राजन दुनिया के जाने-माने इकोनॉमिस्ट में शामिल हैं और इस पद के लिए उनकी दावेदारी मजबूत है. रिपोर्ट के मुताबिक, मेक्सिको के केंद्रीय बैंक के प्रमुख व बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के नए महाप्रबंधक ऑस्टिन कार्स्टन्स के बजाए शिकागो के अति सम्मानित अर्थशास्त्री और आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन को आकृष्ट करना एक अप्रत्याशित कदम होगा. बता दें कि बैंक ऑफ इंग्लैंड ब्रिटेन का सेंट्रल बैंक है. अभी कनाडा के मार्क कार्ने इसके गवर्नर हैं.

अर्थशास्त्रियों के बीच दौड़
ब्रिटेन का ट्रेजरी डिपार्टमेंट इस पद के लिए जाने-माने अर्थशास्त्रियों की खोज में जुटा है. इस पद को भरने के लिए जल्द आधिकारिक ऐलान भी हो सकता है. आईएमएफ की बैठक के दौरान चांसलर हैमंड ने कहा कि गवर्नर के लिए उनकी खोज शुरू हो चुकी है और जुलाई में इस पोस्ट के लिए विज्ञापन निकाला जा सकता है.

आरबीआई के गवर्नर रह चुके हैं राजन
राजन इस समय शिकागो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर हैं. वह सिंतबर 2013 से लेकर सिंतबर 2016 तक आरबीआई के गवर्नर थे. वह आईएमएफ के पश्चिमी देशों से बाहर से आने वाले और सबसे कम उम्र के पहले मुख्य अर्थशास्त्री व अनुसंधान निदेशक रहे हैं. राजन बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट्स के वाइस चेयरमैन के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

कौन हैं रघुराम राजन?

राजन का जन्म मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक तमिल ब्राह्मण फैमिली में हुआ था.
दिल्ली के आरकेपुरम स्थित डीपीएस स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की.
बाद में 1985 में आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया.
1987 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री ली.
राजन ने 1991 में एमआईटी यूनिवर्सिटी से 'एसेज ऑन बैंकिंग' में पीएचडी की.
उन्होंने 4 सितंबर 2013 को यूपीए-2 के कार्यकाल में आरबीआई गवर्नर का पद संभाला था.

Source:-Zeenews

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अयोध्या: बहुत जल्द शुरू होगा भव्य राम मंदिर का निर्माण: VHP प्रमुख कोकजे

अयोध्या: विश्व हिंदू परिषद के नव निर्वाचित अध्यक्ष और पूर्व राज्यपाल विष्णु सदाशिव कोकजे अपने पदाधिकारियों के साथ रामलला के दर्शन किए. दर्शन और पूजन कार्यक्रम के बाद उन्होंने मीडिया को संबोधित किया. मीडिया से बात करते हुए विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष कोकजे ने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, यह सपना अशोक सिंघल और दूसरे लोगों ने देखा था. राम मंदिर के निर्माण का जो लोग सपना देख रहे थे उनका सपना बहुत जल्द सच होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट हमारे पक्ष में फैसला सुनाएगा. कोर्ट का फैसला आते ही यहां पर मंदिर का निर्माण काम शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जो कुछ भी जरूरी है वो करना चाहिए, हम इस बात के पक्षधर हैं. राम मंदिर को लेकर कोर्ट का क्या फैसला आ सकता है, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पास पूरा अधिकार है कि वह पुराने फैसले पलट दे. बता दें, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित राम जन्मभूमि को तीन बराबर हिस्सों में बांटकर तीनों पक्षकारों को दिए जाने का फैसला सुनाया था.

शाम को संघ के साथ बैठक
रामलला के दर्शन के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, जिसके बाद वे अयोध्या के संतों से मुलाकात करेंगे और उनका आशीर्वाद लेंगे. शाम 6 बजे वे संघ के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे. हिंदू परिषद प्रमुख के साथ  कार्याध्यक्ष एडवोकेट आलोक कुमार, उपाध्यक्ष चम्पत राय, संगठन महामंत्री विनायक राव देश पांडे, प्रबंधन समिति सदस्य दिनेश चंद्र, पुरुषोत्तम नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अम्बरीष सिंह भी मौजूद हैं. वे रात को वाराणसी या दिल्ली में ठहर में सकते हैं.

Source:-Zeenews

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Friday, 20 April 2018

आगरा: वीरता पुरस्कार से सम्मानित SPO पर दबंगों ने किया जानलेवा हमला

नई दिल्ली/आगरा: शौर्य और वीरता के लिए देश में अपना नाम रोशन करने वाली आगरा की स्पेशल पुलिस ऑफिसर नाजिया खान के साथ दबंगों ने मारपीट की. नाजिया के साथ ये मारपीट की घटना उस वक्त हुई जब कि वो जिले के ताजगंज थाना क्षेत्र में पूर्वी गेट के पास भूमि विवाद से जुड़े मामले का निरीक्षण करने पहुंची थीं. घटना में घायल हुई नाजिया ने तत्काल जिले के ताजगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई. जानकारी के मुताबिक, वो अपने चाचा की जमीन पर दूसरे पक्ष द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य का विरोध कर रही थी.

पुलिस पर उठाए सवाल
नाजिया खान का आरोप है कि जिस वक्त नाजिया खान पर दबंग हमला कर रहे थे, उसी दौरान डिवीजन चौकी इंचार्ज मौके पर थे और मारपीट होते देखते रहे. नाजिया ने घटना की जानकारी एसपी सिटी को दी.

एसपी सिटी के आदेश के बाद कराया गया मेडिकल
एसपी सिटी आदेश के बाद ताजगंज पुलिस ने नाजिया और उसके भाई का मेडिकल कराया. नाजिया ने जानलेवा हमला, मारपीट, चेन और चार हजार रुपये लूट की तहरीर दी है. एसपी सिटी का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है. नाजिया पर हमले के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी.

2012 से कोर्ट में है मामला
नाजिया खान के मुताबिक, उसके चाचा ढोलीखार निवासी मुन्ना सादी की ताजमहल के पूर्वी गेट के पास ताजखेमा के सामने एक जमीन है. वो नगर निगम का कर अदा करते हैं. उस जमीन पर कृपाल सिंह वर्मा किरायेदार थे. एग्रीमेंट खत्म होने के बावजूद कृपाल सिंह ने कब्जा नहीं छोड़ रहा है. इसके लिए वो कोर्ट में पहले भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं. मामला साल 2012 से कोर्ट में विचाराधीन है.

Source:-Zeenews

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Thursday, 19 April 2018

नरोदा पाटिया नरसंहार में HC का फैसला आज, माया कोडनानी-बाबू बजरंगी समेत 32 हैं दोषी

2002 के नरोदा पाटिया नरसंहार मामले में आज फैसले का दिन है. इस केस में स्पेशल कोर्ट ने बीजेपी विधायक माया कोडनानी और बाबू बजरंगी समेत 32 को दोषी ठहराया था. इन्हीं की अर्जी पर आज गुजरात हाईकोर्ट फैसला सुनाने वाला है.

16 साल पहले 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद के नरोदा पाटिया इलाके में सबसे बड़ा नरसंहार हुआ था. 27 फरवरी 2002 को गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस की बोगियां जलाने की घटना के बाद अगले रोज जब गुजरात में दंगे की लपटें उठीं तो नरोदा पाटिया सबसे बुरी तरह जला था. आपको बता दें कि नरोदा पाटिया में हुए दंगे में 97 लोगों की हत्या कर दी गई थी. इसमें 33 लोग जख्मी भी हुए थे.

नरोदा पाटिया नरसंहार को जहां गुजरात दंगे के दौरान हुआ सबसे भीषण नरसंहार बताया जाता है, वहीं ये सबसे विवादास्पद केस भी है. ये गुजरात दंगों से जुड़े नौ मामलों में एक है, जिनकी जांच SIT ने की थी.

एसआईटी के मुताबिक माया कोडनानी जब वहां से चली गईं तो इसके बाद लोग दंगे पर उतर आए. हालांकि, स्पेशल कोर्ट के फैसले को कोडनानी के वकील ने ये कहते हुए चुनौती दी है कि उनके खिलाफ सबूत पर्याप्त नहीं हैं. गुजरात हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच जस्टिस हर्षा देवानी और ए एस सुपेहिया ने पिछले साल अगस्त में ही इस मामले में सुनवाई पूरी कर दी थी. नरोदा पाटिया मामले में कुल 11 रिव्यू पिटीशन फाइल की गई थी, जिसमें एसआईटी के जरिए 4 पिटीशन फाइल की गई थी.

गौरतलब है कि गुजरात में 2002 में गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती ट्रेन के डिब्बे में हुई कार सेवकों की मौत के बाद पूरे गुजरात में फैले दंगों के दौरान, 28 फरवरी, 2002 को नरोदा पाटिया में हमला हुआ था, जिसमें 97 लोगों की मौत हो गई थी.

Source:-Aajtak

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Wednesday, 11 April 2018

आज उपवास पर 'मोदी सरकार', देशभर में लोकतंत्र बचाओ धरना

अब तक सत्ता का विरोध करने वाले लोगों का अहम हथियार अनशन होता था, लेकिन आज सरकार ही उपवास पर है. संसद का बजट सत्र सत्र बाधित होने पर विपक्ष से नाराज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के तमाम मंत्री और सांसद देश के अलग-अलग शहरों में उपवास पर बैठेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी उपवास के दौरान चेन्नई में डिफेंस एक्सपो का उद्घाटन करेंगे तो अमित शाह कर्नाटक के हुबली में उपवास पर रहेंगे. इससे पहले पीएम मोदी ने अनशन के लिए सांसदों को ऑडियो संदेश दिया. अभी तक आपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, अन्ना हजारे, अरविंद केजरीवाल और हाल ही में राहुल गांधी को अनशन पर बैठे हुए देखा होगा. लेकिन शायद पहली बार होगा कि पूरी सरकार ही अनशन पर है.

नेताओं को दी गई सलाह

संसद का बजट सत्र बर्बाद होने के खिलाफ बीजेपी सांसदों के एक दिन के उपवास के लिए पार्टी ने कड़े नियम तय किए हैं. बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष के चलते संसद का बजट सत्र पूरी बर्बाद हो गया. बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने अपने पार्टी नेताओं को सार्वजनिक जगहों पर खाने से बचने या खाते हुए कैमरे की जद में आने से बचने की सलाह दी है.

कांग्रेस ने भी रखा था उपवास
हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी ने देशभर में उपवास रखा था. कांग्रेस का ये उपवास मोदी सरकार के राज में दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचार को लेकर था. लेकिन इस उपवास में भी काफी विवाद हुआ. पहले सिख दंगों के आरोपी नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार दिल्ली में उपवास वाले पंडाल पहुंचे तो बाद में दिल्ली कांग्रेस के नेताओं की छोले-भटूरे खाती हुई तस्वीर ने बवाल कर दिया.

Source:-Aajtak

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Monday, 9 April 2018

Exclusive: टेप में कैद दाऊद का सीक्रेट, दुबई से ऐसे चलाता है अपनी सल्तनत

दाऊद इब्राहिम कराची के पॉश क्लिफ्टन इलाके में स्थित किलानुमा घर में बंद रहकर खुद को भले ही सुरक्षित महसूस करता हो और सार्वजनिक तौर पर कभी सामने नहीं आता हो, लेकिन पहली बार उसे विदेश में फैले अपने कारोबार के बारे में बात करते पकड़ा गया है. अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद ने अस्सी के दशक में भारत से भागने के बाद काले धंधों की मदद से बड़ा एम्पायर खड़ा किया है.

इंडिया टुडे की पहुंच ऐसे पुख्ता सबूतों तक है जिनसे पता चलता है कि कैसे अंतर्राष्ट्रीय दहशतगर्द और नशीली दवाओं का तस्कर दाऊद इतने वर्षों तक दुनिया के अलग-अलग महाद्वीपों में अपनी डी कंपनी का विस्तार करता रहा.   

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचाने जाने वाले प्रदीप शर्मा ने ठाणे में कहा, ‘अल हमारिया पोर्ट का दफ्तर जांच के तहत है. कंपनी का नाम हार्बर है. ये दफ्तर अनीस इब्राहिम का है और किसी ज़ोहेब की ओर से चलाया जाता है. लोग इसी दफ्तर से दाऊद से बात करते हैं. यहां से जुड़े लोग भी जांच के दायरे में हैं. जांच चल रही है.’ 

अपार्टमेंट में दिखने वाले व्यक्तियों की पहचान ज़ोहेब असद और विजय सुब्बान्ना पुजारी के तौर पर हुई है. जोहेब पाकिस्तान के उस ट्रेंड किए आतंकी बशीर अहमद खान का लड़का है, जिसकी 1993 मुंबई सीरियल विस्फोट केस में तलाश है. जोहेब बाहरिया यूनिवर्सिटी के कराची कैंपस से ग्रेजुएट है. इंटेलीजेस सूत्रों के मुताबिक जोहेब को दाऊद और उसके भाई ने जोहेब के पिता बशीर की भारत विरोधी गतिविधियों का इनाम देने के लिए अपने साथ नौकरी पर रखा. 

फुटेज में जोहेब के साथ दिखा पुजारी चंदन तस्करी का संदिग्ध सरगना है जिसे डीआरआई ने बीते वर्ष गिरफ्तार किया था. डीआरआई के जॉइंट डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने मुंबई में इंडिया टुडे को बताया- ‘पुजारी के खिलाफ लाल चंदन की तस्करी के कई मामले दर्ज हैं. वीडियो में दिख रहा एक व्यक्ति वही है और वो पहले अक्सर दुबई जाता रहता था.'

दाऊद के टेप्स पर इंडिया टुडे की जांच ‘इंटरनेशनल स्कूप’

दाऊद से जुड़े टेप्स के बारे में पूर्व पत्रकार एस बालाकृष्णन ने इंडिया टुडे की जांच को ‘इंटरनेशनल स्कूप’ बताया है. बालाकृष्णन रिपोर्टिंग के दिनों में अंडरवर्ल्ड को कई दशकों तक ट्रैक कर चुके हैं. बालाकृष्णन के मुताबिक टेप्स में निश्चित तौर पर दाऊद इब्राहिम की आवाज है. बालाकृष्णन ने कहा, ‘कराची में अपने घर में हर तरह के आराम के साथ दाऊद दुबई में अपने मेगा प्रोजेक्ट्स को मैनेज कर रहा है. इस आदमी के ऑपरेशन्स का दायरा जानने के लिए और ज्यादा क्या सबूत चाहिएं. वो किसी सभ्य कारोबार की तरह बर्ताव दिखा रहा है. ये अविश्वसनीय है.’

महाराष्ट्र के पूर्व आईपीएस अधिकारी पी के जैन कहते हैं कि इन टेप्स से पता चलता है कि दाऊद कैसे अपने तमाम बिजनेस प्लेटफार्मों का इस्तेमाल अपनी संपत्ति को बढ़ाने में कर रहा है. जैन कहते हैं, ‘वो अपने फंड को इन फ्रंट संगठनों में लगा कर पैसे को सफेद कर रहा है. और थोड़े दिनों में ये वैध हो जाता है.’

Source:-Aajtak

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Sunday, 8 April 2018

2 अप्रैल की हिंसा के बाद एक्शन में पुलिस, मेरठ के गांव से दलितों का पलायन

फिलहाल गांव में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल के साथ आरएएफ की तैनाती कर दी गई है. लेकिन सवाल ये है कि पुलिस-प्रशासन की मुस्तैदी के रहते आखिर दलित समुदाय के लोग पलायन करने को क्यों मजबूर हैं?
पुलिस चौकी में लगाई थी आग
बता दें कि कि 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान जो हिंसा हुई थी उसमें मेरठ के कंकरखेड़ा थाने की शोभापुर पुलिस चौकी को फूंक दिया गया था. जिसके बाद पुलिस ने इलाके में जमकर लाठीचार्ज भी किया था और बाद में हिंसा के आरोप में कई लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किए गए.
मायावती ने लगाया फंसाने का आरोप
इस संबंध में 8 अप्रैल को बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर दलितों को फंसाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि बीएसपी की सरकार आने पर ऐसे केस वापस किए जाएंगे. वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी सांसद उदित राज ने भी माना है कि 2 अप्रैल की घटना के बाद दलितों के खिलाफ अत्याचार बढ़ा है. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए थे.
Source:-Aajtak

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Thursday, 5 April 2018

LIVE Updates : सलमान की जमानत अर्जी पर सुनवाई जारी, दोनों पक्ष दे रहे हैं दलीलें

जयपुर : काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर की सत्र अदालत में सलमान खान की जमानत अर्जी पर सुनवाई शुरू हो गई है. अर्जी पर सुनवाई के लिए सलमान के वकील हस्‍तीमल सारस्‍वत और उनकी बहनें अलविरा और अर्पिता कोर्ट पहुंच गईं थीं. जोधपुर सेशंस कोर्ट में सलमान का केस 24वें नंबर पर लिस्टिड था. सलमान की सजा रोकने को लेकर बचाव पक्ष दलीलें दे रहे हैं. वहीं, अभियोजन पक्ष की तरफ से सलमान की जमानत अर्जी का विरोध किया गया.

क्या कहता है नियम
सीआरपीसी के नियम के मुताबिक किसी भी दोषी को अगर तीन साल से अधिक की सजा दी जाती है तो सिर्फ सेशंस कोर्ट ही उसे जमानत दे सकता है. सेशंस कोर्ट में जमानत के आवेदन के दौरान जजमेंट की कॉपी लगानी होती है. गुरुवार को फैसले के बाद सलमान खान के वकीलों के पास इतना समय नहीं था कि वह कॉपी लेकर सब्मिट कर पाते, लिहाजा कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए शुक्रवार को दिन मुकर्रर किया था. बता दें कि अगर शुक्रवार को सलमान खान की जमानत याचिका पर फैसला नहीं आता है तो उन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा. यदि सेशंस कोर्ट आज सलमान की जमानत याचिका खारिज करता है तो सलमान खान हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं.

सलमान खान के छलके थे आंसू
गुरुवार को जोधपुर कोर्ट का फैसला आने के बाद कोर्ट रुम के अंदर सलमान खान भावुक हो गए थे और उनकी आंखों में आंसू गए थे. कोर्ट रुम में मौजूद सलमान के साथ बैठीं उनकी बहन अलवीरा ने सलमान को चश्मा पहनाया था. इस दौरान सलमान के साथ-साथ उनकी बहनें अलवीरा और अर्पिता भी रो पड़ीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान खान को बहन अलवीरा ने एंटी डिप्रेशन की दवा दी थी.



सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे को मिली जमानत
काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और जोधपुर निवासी दुष्यंत सिंह पर आरोप लगा था. इस स्टार्स ने 1 और 2 अक्टूबर 1998 को जोधपुर में देर रात लूणी थाना इलाके के कांकाणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया था. मामले में पेश किए गए गवाहों ने कोर्ट को बताया था कि सलमान खान ने हिरणों का शिकार किया तो उस समय ये सभी आरोपी जिप्सी गाड़ी में सवार थे. मामले पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा था कि इस बात का पुख्ता सुबूत नहीं है कि सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे ने काले हिरण का शिकार किया था, इसलिए उन्हें जमानत दी जाती है.

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Wednesday, 4 April 2018

प्रेम संबंध के बीच बने रिश्ते को कोर्ट ने रेप मानने से किया इंकार

पणजी : बंबई हाईकोर्ट की पणजी पीठ ने 27 वर्षीय एक व्यक्ति को बलात्कार के आरोपों से यह कहते हुए बरी कर दिया कि उसके और शिकायतकर्ता के बीच में ‘गहरे प्रेम’ संबंध थे. निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए योगेश पलकार ने हाईकोर्ट का रुख किया था.

निचली अदालत ने भादंवि की धारा 376 (बलात्कार) के तहत योगेश को दोषी करार देते हुए उसे 10 साल की कैद और 10,000 रुपए जुर्माना लगाया था. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सीवी भदांग ने 17 फरवरी 2018 को दिए अपने आदेश में पलकार को मामले में बरी कर दिया था.

25 वर्षीय एक महिला ने पलकार पर शादी का वादा कर उसके साथ नवंबर 2013 में पहली बार उससे शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था. उसने पुलिस शिकायत में कहा कि दोनों के बीच दिसंबर 2013 तक कई बार शारीरिक संबंध बने.

महिला ने आरोप लगाया कि फरवरी 2014 में उसने उसे नजरअंदाज करना शुरू कर दिया और उसके निचली जाति का होने की बात कहते हुए शादी के वादे से मुकर गया. न्यायमूर्ति सी वी भदांग ने कहा कि महिला ने पहली बार शारीरिक संबंध बनाने के बाद भी याचिकाकर्ता के साथ नकेवल संबंध कायम रखे बल्कि वह निजी कारणों एवं भावनाओं के चलते हलफनामा दर्ज कर शिकायत वापस लेने को भी राजी हो गई थी.

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Wednesday, 17 January 2018

Rohith Vemula's mom must join governmental issues to instruct 'Manusmriti Irani' a lesson: Jignesh Mevani

Hyderabad: Gujarat official and Dalit pioneer Jignesh Mevani on Thursday encouraged Rohith Vemula's mom – Radhika Vemula –  Mobile Number Database  to challenge the 2019 Lok Sabha races and show BJP pioneer Smriti Irani a lesson.

Mevani called the demise of Rohith "an institutional murder".

Addressing journalists subsequent to going by Manda Krishna Madiga, a Dalit pioneer who is presently held up in a Hyderabad jail, Mevani said that he was wanting to dispatch an across the country organization together for the upliftment of Dalits.

Rohith Vemula, a 28-year-old Dalit look into researcher at the University of Hyderabad, was discovered hanging in his companion's inn room on January 17, 2016. Asserting standing separation, his loved ones guaranteed that the varsity had quit paying a partnership of Rs 25,000 which constrained him to make the radical stride.

His suicide had set off an enormous political line with the then Human Resource and Development Minister Smriti Irani going under assault from different corners.

Afterward, a 2016 report by Justice Roopanwal Commission expressed that there was no material on record to demonstrate Rohith Vemula was a Dalit and credited his suicide to individual reasons. The report likewise gave a perfect chit to Union pastors Smriti Irani.


Source:-Zeenews

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'Quasars' enable researchers to identify the organizing of the universe out of the blue

New Delhi: The cryptic universe harbors incalculable insider facts inside it, convincing researchers to invest each push to dig further to separate data about its reality and subsequent development.

The universe is likewise home to various super-monstrous dark gaps, Mobile Number Database which exude unbelievably brilliant and glowing inaccessible purposes of light called Quasars.

Utilizing the spatial dissemination of these quasars, specialists have as of late figured out how to recognize the organizing of the universe out of the blue.

The huge declaration was made on Monday by the National Astronomical Observations (NAOC) of the Chinese Academy of Sciences.

Redshift twisting alludes to a unique three-dimensional bunch mode shaped by stars under the impact of gravitational potential, and is viewed as a standout amongst the most essential tests in looking into attractive energy on the cosmological level because of its immediate connection with attraction.

The signs found this time were created amid the time when the universe was just a single third or a large portion of the span of today, as per a report distributed by the eBOSS aggregate on the finding.

The revelation is huge for future research in front line cosmological subjects, for example, dim vitality and the quintessence of attractive energy.

Propelled in 2014, eBOSS has pulled in look into establishments from various nations, including the NAOC.


Source:-Zeenews

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Monday, 15 January 2018

Day 2 of Israeli PM Benjamin Netanyahu's India visit - Top improvements

New Delhi: India and Israel on Monday swore to battle dread as the two nations looked to expansive construct their association with respect to the silver celebration of the foundation of their discretionary ties.

Leader Narendra Modi welcoming Israeli organizations to exploit the changed FDI administration in the protection segment and the two nations additionally underlined the requirement for working towards Free Trade and Bilateral Investment arrangements.

On the second day of his six-day visit to India, Israel Prime Minister Benjamin Netanyahu held chats with PM Modi,Mobile Number Database both one-on-one and assignment level, after which the two sides achieved assentions in different fields including a Memorandum of Understanding on Cyber Security Cooperation.

- At a media instructions later, Vijay Gokhale, Secretary (Economic Relations) in the External Affairs Ministry, said the two nations shared likenesses in their way to deal with handling psychological oppression. "The two nations have said we won't endure psychological warfare in any way," he said.

- In answer to an inquiry on not naming Pakistan in the archive, he said it was not important to name nations each time. There was no disparity of perspectives on the issue, he included.

- India and Israel consented to nine arrangements following the discussions, including two reminders of comprehension (MoUs) on collaboration in the zones of oil and gas and cybersecurity, and two letters of expectation between Indian Oil and two Israeli substances on metal-air batteries and sunlight based warm advances.

- The two sides likewise talked about the circumstance in West Asia and UN Security Council changes yet Iran's atomic program did not figure.

- Netanyahu, joined by a 130-part business designation, touched base in India on Sunday on a six-day visit. This is the principal Prime Ministerial visit from Israel to India in 15 years after that of Ariel Sharon in 2003.

Source:-Zeenews



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Sunday, 14 January 2018

CJI versus SC judges: Dipak Misra meets legal advisors' bodies, says emergency will be dealt with soon



New Delhi: Chief Justice of India Dipak Misra on Sunday guaranteed a Bar Council of India designation that the emergency in the Supreme Court coming about because of a virtual rebel against him by four partners will be dealt with soon.

A designation of the BCI, the most elevated assortment of legal counselors in the country, met the CJI at his living arrangement for 50 minutes.

"We met CJI in an amiable air and he said everything will be dealt with soon, Mobile Number Database " BCI executive Manan Kumar Mishra, who drove the appointment, told journalists.

He said that before meeting the CJI, the board likewise talked about the emergency tormenting the peak legal with different judges including the three out of the four judges who have made the claims against Misra.

The judge had blamed Justice Misra for not taking any "therapeutic measures" on a portion of the issues which influenced the working of the summit court that they had raised. Equity Misra turned into the CJI on August 28, 2017, and he is expected to resign from on October 2, 2018.

Unless this foundation is saved, "majority rules system won't make due" in this nation, Justice Chelameswar had said.

He had likewise said that all the four judges had "neglected to induce CJI that specific things are not all together and along these lines you should take therapeutic measures. Shockingly, our endeavors fizzled."

Asked what these issues were, he had said they incorporated the "portion of cases by CJI" and had included, "we owe an obligation to the organization and the country. Our endeavors have bombed in persuading CJI to find a way to ensure the foundation."

Asked whether they needed the Chief Justice to be arraigned, he had stated, "given the country a chance to choose."

Source:-Zeenews

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Wednesday, 10 January 2018

How much pay you need, Madhya Pradesh govt asks specialists in advertisement



The issue of shortage of specialists in Madhya Pradesh has turned so grave that the state government has now discharged a notice getting some information about the pay they need.

The bone of conflict between the specialists and government is benefits in rustic territories. Mobile Number Database While specialists forgo serving in provincial zones, the legislature has additionally neglected to give satisfactory offices to them to the same.

In the mean time, the administration has chosen to take the administrations of private specialists in 33 regions to guarantee better human services to individuals living in provincial zones.

As indicated by Madhya Pradesh Health Minister Rustam Singh, keeping into thought the shortage of specialists, the administration is proceeding with this trial.

The move has, in any case, not run down well with the Madhya Pradesh Medical Officers Association, with its head saying that the administration's turn demonstrates that specialists are covetous. He has said that all that the specialists require are pay at standard with those in different states, essential pleasantries and advancement as merited.


Source:-Zeenews

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Monday, 8 January 2018

Try not to turn to automatic response: Assocham to govt on GST slip



Hyderabad: Industry body Assocham has forewarned the legislature against falling back on an "automatic" response to manage slippage in GST accumulations, and said those incomes would get once the glitches in the framework are tended to.

The Goods and Services Tax (GST) accumulations slipped for the second in a row month to Rs 80,808 crore in November, down from over Rs 83,000 crore in the earlier month.

Asscoham president Sandeep Jajodia said there is a requirement for an expanded vigil on the usage of the GST and related issues.

The other need, he stated, ought to be to make strides which resuscitate the private speculation that has been in a lower priority status throughout the previous couple of years now.

Other than lessening the cost of fund, the private area ought to be effectively occupied with segments like the railroads which are ruled by the administration, he said.

Significantly more should be done as far as foundation help that ought to convert into open doors for private area, Jajodia focused.

"The rustic misery will undoubtedly be a concentration territory for the administration and here once more, the private segment ought to be taken as accomplices, in regions, for example, budgetary consideration, compost, seeds, cultivate executes, promoting and handling of agri deliver," he included.


Source:-Zeenews

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Friday, 5 January 2018

SBI prone to cut least adjust prerequisite for bank accounts



New Delhi: Countrys biggest loan specialist State Bank of India (SBI) is probably going to lessen least adjust necessity for investment accounts, media reports said on Friday.

SBI as of now charges punishment from clients for non-support of month to month normal adjust in investment accounts. The rates of month to month normal adjust is Rs 3,000 for metros, Rs 2,000 for semi-urban regions and Rs 1,000 for country zones.

The SBI, following a hole of six years, had reintroduced the month to month normal adjust (MAB) charges from April 1, 2017.

According to the rundown of amended charges of SBI, inability to keep up month to month normal adjust in accounts pulls in punishment of up to Rs 100 or more merchandise and enterprises impose (GST).

SBI's arrangement to lessen the base adjust prerequisite apparently comes after the negative news on the salary produced on the charges.

A fund service information, discharged for the current week, demonstrated that SBI got a bonus of Rs 1,771.67 crore, more than its second quarter benefit, from clients for non-upkeep of month to month normal adjust in bank accounts in eight months of 2017-18.

The fund service information demonstrated the bank charged Rs 1,771.67 crore from clients by virtue of non-upkeep of least normal harmony amongst April and November 2017.

The charges gathered by SBI for non-upkeep of least adjust surpasses the bank's July-September quarter net benefit of Rs 1,581.55 crore. The sum was likewise about portion of the Rs 3,586 crore the bank earned as net benefit from April to September.

Source:-Zeenews

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